Ticker

6/recent/ticker-posts

माही वेलफेयर सोसाइटी

माही वेलफेयर सोसाइटी

लखनऊ। राजधानी के जानकीपुरम पावर ग्रिड में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक मोहित माधव एवं श्री साई उत्कर्ष सेवा संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रीति श्रीवास्तव के बीच एक विचारोत्तेजक बैठक का आयोजन हुआ। इस मुलाकात में मोहित माधव ने संघ के मूल सिद्धांतों-सेवा, संगठन, और संस्कार-पर आधारित गहन विचार साझा किए।

 आरएसएस के मोहित माधव ने डॉ. प्रीति श्रीवास्तव को सेवा, संस्कार राष्ट्रनिर्माण पर दिए महत्वपूर्ण विचार

लखनऊ। राजधानी के जानकीपुरम पावर ग्रिड में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक मोहित माधव एवं श्री साई उत्कर्ष सेवा संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रीति श्रीवास्तव के बीच एक विचारोत्तेजक बैठक का आयोजन हुआ। इस मुलाकात में मोहित माधव ने संघ के मूल सिद्धांतों-सेवा, संगठन, और संस्कार-पर आधारित गहन विचार साझा किए।


डॉ. प्रीति श्रीवास्तव, जो शिक्षा और समाजसेवा में सक्रिय हैं, ने जब मोहित जी से भेंट की, तो यह केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि एक प्रकार की गुरुकुलीय शिक्षा का अनुभव रहा। मोहित माधव जी ने उन्हें बताया कि "सच्ची सेवा वहीं होती है जिसमें स्वार्थ का पूर्ण अभाव हो और राष्ट्र सर्वोपरि हो। सेवा कार्य केवल एक प्रकल्प नहीं, बल्कि एक साधना है।"


उन्होंने यह भी कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए शिक्षा का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से जुड़ा होना आवश्यक है। "यदि बच्चों को केवल ज्ञान दिया जाए, लेकिन संस्कार नहीं, तो समाज दिशाहीन हो जाएगा, " उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा।


इस बातचीत में मोहित जी ने संघ की कार्यपद्धति, शाखा की भूमिका और स्वयंसेवकों के चरित्र निर्माण पर भी विस्तार से बताया। उन्होंने डॉ. प्रीति को सलाह दी कि उनके संगठन श्री साई उत्कर्ष सेवा संस्थान को संघ की जीवन्त परंपराओं से प्रेरणा लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए अधिक कार्य करना चाहिए।


डॉ. प्रीति श्रीवास्तव ने मोहित माधव के विचारों को अत्यंत प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि "संघ के इस मार्गदर्शन से हमें न केवल दिशा मिली है, बल्कि आत्मबल भी प्राप्त हुआ है। हम अब सेवा को एक मिशन के रूप में और गहराई से आत्मसात करेंगे।"


यह बैठक केवल संवाद नहीं, बल्कि एक पीढ़ियों के अनुभव और नई ऊर्जा के संगम का प्रतीक रही, जो भविष्य में समाज के हित में दूरगामी परिणाम लाएगी।

Post a Comment

0 Comments