लखनऊ में का भव्य वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न, समाज की विभूतियाँ हुईं सम्मानित
राजधानी के गोमतीनगर स्थित एक होटल में आज का वार्षिक अधिवेशन भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली अनेक विभूतियों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप से श्री देवेश शर्मा (पुलिस अधीक्षक, UPPCL), श्री अतुल सक्सेना (सेवानिवृत्त IPS), श्री अंजनी कुमार सिंह (प्रभारी निरीक्षक, थाना मदेहगंज), उपनिरीक्षक मोहम्मद इरफान, समाजसेवी लखन विश्वकर्मा, डॉ० ए. के. श्रीवास्तव, राजेश रावत (पार्षद), राम सागर यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्तित्व शामिल रहे।
संस्था के कार्यों की सराहना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि संस्था पूरे भारतवर्ष में सक्रिय रूप से मानवाधिकार संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा प्रतिदिन लावारिस शवों का धर्मानुसार अंतिम संस्कार कराया जाता है और शीघ्र ही इस सेवा को पूरे देश में संगठित रूप से संचालित करने की योजना है।
झारखंड के धनबाद से पधारे प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष लाखन विश्वकर्मा ने धनबाद में लावारिस शवों के अंतिम संस्कार कार्यक्रम को प्रारंभ करने की पूर्ण जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया।
राष्ट्रीय महासचिव डॉ० रेहान अहमद ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ता मो० सगीर (नेताजी) ने अपने संबोधन में बताया कि परिषद द्वारा प्रतिवर्ष निर्धन कन्याओं का विवाह कराया जाता है।
डॉ० ए. के. श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि संस्था समय-समय पर निशुल्क चिकित्सा शिविर एवं रक्तदान शिविर का आयोजन भी करती है। वहीं पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार शर्मा ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए संविधान के दायरे में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ा मनोबल
कार्यक्रम में परिषद के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अधिवेशन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से संस्था के मनोबल में वृद्धि होने की बात कही।
यह अधिवेशन सामाजिक सेवा, मानवाधिकार संरक्षण और जनकल्याण के प्रति परिषद की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।




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