एनडीए की सिद्धि जैन ने रचा इतिहास: प्रेसिडेंट मेडल प्राप्त कर बढ़ाया लखनऊ और देश का गौरव
सेंचूरियन डिफेन्स एकेडमी की कैडेट बनीं पहली महिला प्रेसिडेंट मेडलिस्टलखनऊ। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की 149वीं पासिंग आउट परेड देश के लिए ऐतिहासिक साबित हुई, जब पहली बार किसी महिला कैडेट को प्रेसिडेंट मेडल से नवाज़ा गया। यह गौरव हासिल कर सेंचूरियन डिफेन्स एकेडमी की प्रतिभाशाली कैडेट सिद्धि जैन ने न केवल लखनऊ बल्कि पूरे देश का मान बढ़ा दिया है।सैन्य प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता और अकादमिक प्रदर्शन—तीनों क्षेत्रों में शानदार उत्कृष्टता के आधार पर सिद्धि को यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया। यह उपलब्धि भारतीय सैन्य इतिहास में महिलाओं के लिए नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
पहले प्रयास में स्क्रीन आउट… पर नहीं मानी हार
सिद्धि की सफलता संघर्ष और अथक परिश्रम की प्रेरणादायक कहानी भी है। पहले प्रयास में एसएसबी के स्क्रीन आउट होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दृढ़ निश्चय के साथ दोबारा तैयारी की और एग्जाम मॉनिटर शिशिर दीक्षित के मार्गदर्शन में नई रणनीति के साथ आगे बढ़ते हुए एनडीए परीक्षा दोबारा उत्तीर्ण की।
नीट पास की थी, पर चुनी देश सेवा की राह
मूल रूप से बदायूं जनपद की रहने वाली सिद्धि जैन ने नीट परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी। डॉक्टर बनने का सुनहरा अवसर होने के बावजूद उन्होंने भारत की सेवा को प्राथमिकता देते हुए वायुसेना में करियर बनाने का निर्णय लिया।
सेंचूरियन डिफेन्स एकेडमी का बढ़ा मान
सिद्धि की कामयाबी से सेंचूरियन एकेडमी में उत्साह की लहर है। अकादमी के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग से निकली कैडेट आज एनडीए इतिहास में पहला महिला प्रेसिडेंट मेडल हासिल करने वाली अधिकारी बनी है।


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