विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश
मध्य प्रदेश की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों में कार्यरत संविदा कर्मियों को भी नियमित किया जाए – संघर्ष समिति : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से हटाए गए संविदा कर्मियों की तत्काल बहाली तथा सभी ऊर्जा निगम संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की अपील*
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ऊर्जा निगमों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने के ऐतिहासिक एवं सराहनीय निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय न केवल संविदा कर्मियों के वर्षों के परिश्रम का सम्मान है, बल्कि सामाजिक न्याय और कर्मचारी हितों की दिशा में एक अनुकरणीय कदम भी है।
संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों में भी हजारों संविदा कर्मी वर्षों से अत्यंत कठिन परिस्थितियों में बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं। अत्यधिक अल्प वेतन पर कार्य करने वाले इन कर्मियों के बल पर ही प्रदेश की विद्युत व्यवस्था निरंतर संचालित हो रही है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को भी मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार की तरह मानवीय एवं कर्मचारी हितैषी निर्णय लेते हुए सभी पात्र संविदा कर्मियों को नियमित करने की घोषणा करनी चाहिए।
संघर्ष समिति ने माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से आग्रह किया है कि वे उत्तर प्रदेश को भी इस दिशा में एक नई मिसाल बनाने का निर्णय लें, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे संविदा कर्मियों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित भविष्य मिल सके।
संघर्ष समिति ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा हेतु बनाए गए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में आज तक ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को शामिल नहीं किया गया है। ऊर्जा निगमों का प्रबंधन मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कार्रवाई करने के बजाय संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम के दायरे से बाहर रखे हुए है तथा बड़े पैमाने पर उनकी छंटनी भी की जा रही है। इससे संविदा कर्मियों एवं उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि वे ऊर्जा निगमों के प्रबंधन को स्पष्ट एवं प्रभावी निर्देश जारी करें कि—हटाए गए सभी संविदा कर्मियों को तत्काल कार्य पर वापस लिया जाए, ऊर्जा निगमों के सभी संविदा कर्मियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के अंतर्गत शामिल किया जाए, मध्य प्रदेश की तर्ज पर ऊर्जा निगमों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।
संघर्ष समिति ने कहा कि संविदा कर्मियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाय तथा उनकी छंटनी का सिलसिला रोका जाय, अत्यंत कम वेतन पर वर्षों से विद्युत व्यवस्था संभाल रहे संविदा कर्मियों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरने के लिए विवश न होना पड़े ।
संघर्ष समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी संविदा कर्मियों के हितों की रक्षा करते हुए मध्य प्रदेश की तरह ऐतिहासिक निर्णय लेकर उत्तर प्रदेश के हजारों ऊर्जा निगम संविदा कर्मियों को न्याय दिलाएंगे।
शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
9415006225

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