नारी सम्मान की हुंकार: सरोजनीनगर में ‘शक्ति का शंखनाद’
इस अवसर पर माननीय विधायक जी के नेतृत्व में एक विशाल रैली भी निकाली गई, जिसमें मातृशक्ति, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भारी संख्या में भाग लिया। रैली ने लखनऊ के बंगला बाज़ार चौराहे से होकर नारी गरिमा और राष्ट्र की संस्कृति की रक्षा का संकल्प जन-जन तक पहुंचाया।
कार्यक्रम की प्रमुख आयोजक एवं सरोजनीनगर प्रथम की पार्षद गीता देवी गुप्ता ने अपने जोशीले उद्बोधन में कहा:
> "यह लड़ाई किसी एक मौलाना की गंदी सोच या एक साड़ी के अपमान तक सीमित नहीं है। यह संघर्ष उस मानसिकता के विरुद्ध है, जो नारी को शिक्षा, रोजगार और सम्मान से वंचित करना चाहती है।"
उन्होंने आगे कहा:
> "नारी कोई वस्तु नहीं, न गुलाम है, न कैदी। वह भारत की चेतना, संस्कृति और शक्ति की प्रतिमूर्ति है। हम ऐसी किसी भी विचारधारा का दृढ़ता से विरोध करते हैं जो नारी को कमजोर बनाना चाहती है। यह विचार न केवल महिला विरोधी है, बल्कि राष्ट्र विरोधी और सभ्यता विरोधी भी है।"
रैली के दौरान देशभक्ति के नारों, वंदेमातरम के उद्घोष और नारियों के संकल्प गीतों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नागरिकों की उपस्थिति रही।
आयोजक: गीता देवी गुप्ता (पार्षद, सरोजनीनगर प्रथम)
नेतृत्व व संरक्षण: माननीय विधायक जी, भारतीय जनता पार्टी



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