कैलाश से लखनऊ तक गूंजा मंगलनाद सप्तम दिवस पर शिव-पार्वती विवाह ने रच दिया भक्ति का महोत्सव—हर-हर महादेव
सरोजिनी नगर लखनऊ । श्री रामलीला मैदान, हिंद नगर में आयोजित विशाल श्री शिव महापुराण कथा के सप्तम दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा अपने चरम शिखर पर दिखाई दी। उमड़ते अपार जनसमूह ने यह सिद्ध कर दिया कि युग बदल सकते हैं, पर शिवभक्ति कभी नहीं बदलती!परम पूज्य परम विद्वान श्री प्रशांत प्रभु जी महाराज के दिव्य सान्निध्य में कथा भूमि उस क्षण कैलाशधाम में परिवर्तित हो गई, जब सप्तम दिवस की कथा में गूंज उठा कैलाश पर मंगलनाद! देवाधिदेव महादेव और जगतजननी पार्वती का दिव्य परिणय!कैलाश का रोमांच, तपस्या का तेज, करुणा का सागर शिवभक्ति, वैदिक चेतना और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर इस पावन अवसर पर, कथा प्रवक्ता शौवाचार्य परम पूज्य परम विद्वान श्री प्रशांत प्रभु महाराज जी के सान्निध्य में नंदकेश्वर महाराज जी ने राजा चंद्रभान एवं बामदेव को सुनाई माता पार्वती की कठोर तपस्या, उनका अडिग संकल्प और भोलेनाथ की करुणा से ओतप्रोत वह कथा, जिसने श्रोताओं के हृदय को झकझोर दिया।जैसे ही कैलाश पर्वत का वर्णन प्रारंभ हुआ पंडाल में भक्ति की चमक आंखों में उतर आई,हृदयों में आनंद की लहरें उठने लगीं,और हर श्रोता स्वयं को उस दिव्य प्रसंग का साक्षी मानने लगा।शिव-पार्वती विवाह: जब पंडाल बना कैलाश!कथा के शिखर पर पहुंचते ही जैसे ही शिव-पार्वती विवाह का वर्णन हुआ पूरा पंडाल ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और गगनभेदी हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।देवगण, ऋषि-मुनि, गंधर्व मानो सभी उस अलौकिक क्षण के साक्षी बन गए, जब कालों के काल महाकाल और आदिशक्ति पार्वती का पावन परिणय दिव्य धूमधाम से संपन्न हुआ।क्षण भर को लगा लखनऊ नहीं, स्वयं कैलाश धरा पर उतर आया हो!रुद्र महायज्ञ: राष्ट्र रक्षा और लोककल्याण का संकल्प कथा के साथ-साथ राष्ट्रीय रक्षा एवं लोककल्याण की भावना से प्रेरित रुद्र महायज्ञ प्रतिदिन प्रातः 8:00 से 12:00 बजे तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हो रहा है।विद्वान आचार्यों द्वारा दी जा रही आहुतियों से वातावरण ऊर्जावान, पवित्र और दिव्य बन रहा है।आयोजन की भव्यता और अनुकरणीय व्यवस्थाएं 15 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 तक प्रतिदिन सायं 4:00 से रात्रि 9:00 बजे तक चल रही इस दिव्य कथा में कथा उपरांत महाप्रसाद एवं नित्य भंडारे की भव्य व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है, जहां सेवा, समर्पण और सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन हो रहा है।इस विराट आयोजन को भव्य रूप देने में मुख्य यजमान सर्वेश तिवारी एवं सुमन तिवारी का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है।
कार्यक्रम मुख्य संरक्षक राजेश्वर सिंह (विधायक, सरोजनी नगर) के संरक्षण तथा कथा अध्यक्ष मधु यादव के मार्गदर्शन में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वहीं मुख्य व्यवस्थापक रंजना मिश्रा के कुशल प्रबंधन ने आयोजन को अनुकरणीय बना दिया है।
आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से विनम्र आग्रह किया है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस दिव्य श्री शिव महापुराण कथा का पुण्यलाभ अर्जित करें, क्योंकि प्रतिदिन विशेष आध्यात्मिक प्रसंगों के साथ शिवभक्ति का अद्भुत, अविस्मरणीय संगम साकार हो रहा है।

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