विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश
पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन और संघर्ष समिति के बीच होली के बाद होगी वार्ता : उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयाँ वापस लेने और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर बनी रहेगी मुख्य चर्चा : चेयरमैन की अमर्यादित भाषा के विरोध में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष से वार्ता हेतु शक्ति भवन पहुँचे। संघर्ष समिति की मुख्य मांग है कि आंदोलन के दौरान बिजली कर्मचारियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा कर्मचारियों के निवास पर जबरदस्ती लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की कार्यवाही को रोका जाए।
पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने इन मुद्दों पर होली के बाद वार्ता के लिए समय प्रदान किया है। संभावना है कि प्रबंधन और संघर्ष समिति के बीच 5 मार्च को औपचारिक वार्ता होगी। संघर्ष समिति ने आशा व्यक्त की है कि वार्ता सकारात्मक एवं समाधानपरक दिशा में आगे बढ़ेगी।
इसी बीच, चेयरमैन द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान तकनीकी संवर्ग को “दलाल” कहे जाने की टिप्पणी से बिजली कर्मचारियों में व्यापक आक्रोश व्याप्त है। आज प्रदेश के सभी जनपदों में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन कर इस अमर्यादित भाषा के प्रति अपना कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया।
संघर्ष समिति ने चेयरमैन को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि तकनीकी संवर्ग के अधिकारी एवं कर्मचारी विपरीत परिस्थितियों में दिन-रात कार्य कर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखते हैं। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना पूरे कर्मचारी वर्ग की गरिमा को आहत करने वाला है।
संघर्ष समिति का मत है कि इस प्रकार की असंवेदनशील टिप्पणियाँ प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को कमजोर करती हैं, जिससे कार्य-संस्कृति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अतः संघर्ष समिति ने चेयरमैन से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की है।
निजीकरण एवं दमनात्मक कार्रवाइयों के विरोध में चल रहे आंदोलन के 458 दिन पूर्ण होने के अवसर पर आज भी प्रदेश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। संघर्ष समिति ने दोहराया है कि जब तक कर्मचारियों पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयाँ वापस नहीं ली जातीं और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की कार्यवाही बंद नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



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