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लखनऊ/मलिहाबाद। तहसील मलिहाबाद क्षेत्र के तिरगवां भटपुरवा-दौलतपुर गांव के निकट संचालित दो बड़े पोल्ट्री फार्म ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ये पोल्ट्री फार्म निर्धारित मानकों और नियमों के विपरीत संचालित किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है।

मानकों को ताक पर रखकर चल रहे पोल्ट्री फार्म से ग्रामीण त्रस्त, संक्रमण फैलने का खतरा

20 हजार से अधिक मुर्गियां, खुले में फेंके जा रहे मृत पक्षी; बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा

लखनऊ/मलिहाबाद। तहसील मलिहाबाद क्षेत्र के तिरगवां भटपुरवा-दौलतपुर गांव के निकट संचालित दो बड़े पोल्ट्री फार्म ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ये पोल्ट्री फार्म निर्धारित मानकों और नियमों के विपरीत संचालित किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार दोनों पोल्ट्री फार्मों में 20 हजार से अधिक मुर्गियों का पालन किया जा रहा है। आरोप है कि मुर्गियों के मरने के बाद उनके शवों को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के बजाय खुले स्थानों पर फेंक दिया जाता है। इन शवों को आवारा कुत्ते नोच-नोचकर खाते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध और गंदगी फैल रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही पोल्ट्री फार्म से उठने वाली बदबू के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। क्षेत्र में मक्खियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आबादी के बेहद नजदीक संचालित हो रहे इन पोल्ट्री फार्मों के कारण लोगों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है। कई बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और लोगों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा जिला प्रशासन से तत्काल जांच कराकर नियमों का उल्लंघन करने वाले पोल्ट्री फार्म संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों की मांग

  • पोल्ट्री फार्म की तत्काल जांच कराई जाए।
  • मृत मुर्गियों के निस्तारण की व्यवस्था की जांच हो।
  • आबादी के पास संचालित फार्मों के मानकों की समीक्षा की जाए।
  • स्वास्थ्य और पर्यावरण को खतरा पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

"गांव में गंदगी, बदबू और मक्खियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है।" – ग्रामीणों का आरोप।

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