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माही वेलफेयर सोसाइटी

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लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भगत रविदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में बुधवार को केन्द्रीय सिंह सभा, आलमबाग गुरुद्वारा, लखनऊ में आयोजित भव्य कीर्तन समागम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने सिख समाज की महान सेवा, समरसता और मानवता की परंपरा को नमन करते हुए बच्चों को प्रौद्योगिकी के साथ संस्कार और विरासत से जुड़ने की प्रेरणा दी तथा सिख गुरुओं और साहिबजादों के बलिदान को स्मरण किया।

आलमबाग गुरुद्वारा के भव्य कीर्तन समागम में पहुंचे सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, शिक्षा, कौशल और संस्कार को बताया सशक्त भविष्य की नींव

दशमेश पब्लिक स्कूल में डिजिटल क्रांति की पहल: डिजिटल लाइब्रेरी के स्थापना हेतु डॉ. राजेश्वर सिंह ने की CSR से ₹5 लाख सहायता राशि की घोषणा, स्किल इंफ्रास्ट्रक्चर हेतु सहयोग का दिया आश्वाशन तथा मेधावी छात्रों को टैबलेट-लैपटॉप की भेंट

सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सिख गुरुद्वारा कमेटी कार्यालय का फीता काटकर किया शुभारंभ

“AI युग के लिए तैयार होंगे हमारे बच्चे” — गुरुद्वारा मंच से डॉ. राजेश्वर सिंह का शिक्षा-तकनीक आधारित भविष्य विज़न

समयानुकूल कौशल से बच्चों को सशक्त करना केवल शिक्षा नीति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति है : डॉ. राजेश्वर सिंह

सेवा से राष्ट्र निर्माण तक: रविदास प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा पहुंचे विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, बच्चों को किया भावी चुनौतियों के प्रति जागरूक*


लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भगत रविदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में बुधवार को केन्द्रीय सिंह सभा, आलमबाग गुरुद्वारा, लखनऊ में आयोजित भव्य कीर्तन समागम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने सिख समाज की महान सेवा, समरसता और मानवता की परंपरा को नमन करते हुए बच्चों को प्रौद्योगिकी के साथ संस्कार और विरासत से जुड़ने की प्रेरणा दी तथा सिख गुरुओं और साहिबजादों के बलिदान को स्मरण किया।


कार्यक्रम के दौरान डॉ. सिंह ने गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा संचालित दशमेश पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों से संवाद किया और आधुनिक युग की चुनौतियों को देखते हुए शिक्षा में डिजिटल सशक्तिकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना हेतु ₹5 लाख CSR फंड से उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही मेधावी छात्रा मानवी तिवारी (गुरु नानक विद्यालय, चंदननगर) एवं गुनीत सिंह को टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया तथा विद्यालय के दो अन्य मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप उपलब्ध कराए।


डॉ. राजेश्वर सिंह जी ने बदलते तकनीकी युग में बच्चों के स्किल अपग्रेडेशन, डिजिटल शिक्षा की अनिवार्यता और राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लिटरेसी और कंप्यूटर आधारित प्रणालियों का है, इसलिए बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कोडिंग, प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है।


इस पर बात करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि “घर में ताला लगाना भूल सकते हैं, लेकिन डिजिटल युग में पासवर्ड सुरक्षा नहीं भूल सकते।” उन्होंने साइबर सुरक्षा के बढ़ते खतरों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि डिजिटल जागरूकता अब विकल्प नहीं, आवश्यकता बन चुकी है। बच्चों को अपनी शिक्षा, बैंकिंग सुरक्षा और पारिवारिक सुरक्षा के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनना होगा।


इसी उद्देश्य से डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में सरोजनीनगर में किये गए अपने कार्यों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि स्थापित 14 रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्रों के माध्यम से एक समय में हजारों बच्चों को निःशुल्क डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही सरोजनीनगर के 36 स्कूल/कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी तथा 40 शिक्षण संस्थानों में डिजिटल स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। अब तक CSR सहयोग से 1700 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, टैबलेट और साइकिल वितरित की जा चुकी हैं।


इस अवसर पर डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कमेटी कार्यालय का फीता काटकर शुभारंभ किया। साथ ही विद्यालय में निर्माणाधीन स्किल डेवलपमेंट बिल्डिंग का अवलोकन कर इसके पूर्ण होने पर आवश्यक मशीनें उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया तथा वृक्षारोपण, प्लास्टिक उपयोग में कमी और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गिरते जलस्तर को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।


उन्होने बच्चों को डिजिटल सुरक्षा, तकनीकी शिक्षा, पर्यावरण जिम्मेदारी और राष्ट्रभक्ति के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि “आज का बच्चा ही कल का भारत है - उसे ज्ञान, तकनीक और संस्कार, तीनों से सशक्त करना हम सबका कर्तव्य है।” यह अवसर और ख़ास तब बना गया जब विद्यार्थियों ने डॉ. राजेश्वर सिंह के सेवा और विकास कार्यों पर आधारित शोध प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि यह उनके सार्वजनिक जीवन के सबसे प्रेरणादायक क्षणों में से एक है।


इस अवसर पर पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया, सरदार निर्मल सिंह, सरदार राजपाल सिंह गुली, मनजीत सिंह तलवार, उपेंद्र सिंह तलवार, टी.पी.एस. अनेजा, दिलजीत सिंह टोनी, दमन सेठी, सुरेन्द्र बख्शी, दिलप्रीत सेठी, सरबजीत वालिया, विनोद राठौर, बलविंदर सिंह, गगनदीप जी, दिलप्रीत सिंह, संदीप आनंद, खुराना जी, निशा जी, विक्की बग्गा, हरपाल सिंह जंगी सहित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, विद्यालय परिवार एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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