आज दिनांक 10/03/2026 को डी.ए.वी. डिग्री कॉलेज, लखनऊ में आयोजित वार्षिकोत्सव *“अभिव्यक्ति–2026”* कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. अशोक बाजपेयी जी, अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्रबंधक माननीय आनंद मोहन तिवारी जी, प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. सत्यकाम आर्य, सुश्री सुधा शर्मा, पूर्व प्राचार्य डॉ. अंजनी मिश्रा, डॉ. के.के. पांडेय, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राजीव कुमार त्रिपाठी तथा कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल द्वारा माता सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर तथा पूर्व प्रबंधक स्व० पंडित मनमोहन तिवारी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई।
इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राजीव कुमार त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं विशिष्ट उपहार प्रदान कर सम्मानित किया तथा मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया।
स्वागत के उपरांत प्राचार्य प्रो. राजीव कुमार त्रिपाठी ने अपना स्वागत भाषण दिया। इसके बाद डॉ. सत्यकाम आर्य ने अपने संबोधन में *अभिव्यक्ति–2026* के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सारगर्भित उद्बोधन प्रस्तुत किया।
इसके पश्चात पूर्व प्राचार्य एवं प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. के.के. पांडेय ने अपने विचार व्यक्त किए। तत्पश्चात पूर्व प्राचार्य डॉ. अंजनी मिश्रा ने भी अपने उद्बोधन में कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरणादायक संदेश दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. अशोक बाजपेयी ने अपने संबोधन में महाविद्यालय के पूर्व प्रबंधक स्व० पंडित मनमोहन तिवारी जी के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए भावुक क्षण साझा किए। उन्होंने वर्तमान प्रबंधक आनंद मोहन तिवारी जी को शुभकामनाएँ देते हुए अभिव्यक्ति–2026 जैसे रचनात्मक आयोजनों की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्रबंधक माननीय आनंद मोहन तिवारी जी ने अपने उद्बोधन में मंचासीन अतिथियों का अभिवादन किया तथा सभा में उपस्थित सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अतिथियों को शुभकामनाएँ दीं।
अंत में कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। और अभिव्यक्ति–2026 के अंतर्गत आज आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा प्रतिभागियों को प्रतियोगिताओं के संबंध में जानकारी दी।
वार्षिकोत्सव “अभिव्यक्ति–2026” के अंतर्गत आज विभिन्न रचनात्मक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन बड़े उत्साह एवं प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में किया गया। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र–छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
आज के कार्यक्रमों में प्रमुख रूप से *स्वरचित कविता पाठ*, *वृत्त चित्र (डॉक्यूमेंट्री) मेकिंग*, *पेंट योर ड्रीम*, *वाद–विवाद प्रतियोगिता* तथा *मेहंदी प्रतियोगिता* का आयोजन किया गया।
वृत्त चित्र (डॉक्यूमेंट्री) मेकिंग प्रतियोगिता, जिसका शीर्षक *“भारत के मशहूर स्थानों, त्योहारों, व्यंजनों और नृत्य*” था, में कुल 6 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें लखनऊ विश्वविद्यालय, श्री जय नारायण मिश्र पी.जी. कॉलेज, लखनऊ, लखनऊ क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज, डी.ए.वी. डिग्री कॉलेज, लखनऊ तथा श्री राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल डिग्री कॉलेज के प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।
*स्वरचित कविता पाठ* प्रतियोगिता में लगभग 18 प्रतिभागियों ने अपनी मौलिक कविताओं के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
*वाद–विवाद प्रतियोगिता,* जिसका विषय *“पठन–पाठन में एआई (AI) की भूमिका”* था, में लगभग 17 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लिया और विषय के पक्ष तथा विपक्ष में अपने विचार तार्किक एवं प्रभावपूर्ण ढंग से रखे।
*मेहंदी प्रतियोगिता*, जिसका विषय *“प्रकृति के रंग”* था, में कुल 16 प्रतिभागियों ने भाग लिया और प्रकृति से प्रेरित आकर्षक डिज़ाइनों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया।
इसी प्रकार *पेंट योर ड्रीम* प्रतियोगिता में लगभग 16 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लेकर रंगों के माध्यम से अपने सपनों और कल्पनाओं को कैनवास पर साकार किया।
सभी प्रतियोगिताएँ अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुईं तथा प्रतिभागियों ने अपनी सृजनात्मकता, कला एवं बौद्धिक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि सभी प्रतियोगिताओं के परिणाम सुरक्षित कर लिए गए हैं। इनकी घोषणा वार्षिकोत्सव के अंतिम दिन 12 मार्च 2026 को की जाएगी तथा विजेताओं को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर लखनऊ शहर के विभिन्न महाविद्यालयों, विद्यालयों एवं सामाजिक क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित महानुभावों की उपस्थिति रही। साथ ही पूरे पंडाल में भारी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे, जो विभिन्न महाविद्यालयों से आए हुए प्रतिभागी थे।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. कल्याणी दीक्षित द्वारा किया गया।





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