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माही वेलफेयर सोसाइटी

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लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा है कि आगामी 19 मार्च से प्रारंभ हो रहे नवरात्र, 21 मार्च को ईद तथा 27 मार्च को रामनवमी के पावन अवसर पर प्रदेश के बिजली कर्मी आंदोलनरत रहते हुए भी उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, ताकि पर्व-त्योहारों के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश

नवरात्र, ईद व रामनवमी पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के संकल्प के साथ निजीकरण के विरोध में आंदोलन रहेगा जारी

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा है कि आगामी 19 मार्च से प्रारंभ हो रहे नवरात्र, 21 मार्च को ईद तथा 27 मार्च को रामनवमी के पावन अवसर पर प्रदेश के बिजली कर्मी आंदोलनरत रहते हुए भी उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, ताकि पर्व-त्योहारों के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


संघर्ष समिति ने प्रदेशभर के बिजली कर्मियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 19 मार्च से 27 मार्च तक निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के बावजूद सभी उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु रखा जाए।


समिति ने स्पष्ट किया कि इस अवधि में बिजली कर्मी अपने विरोध को जारी रखते हुए जनपदों में कार्यालय समय के उपरांत शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करेंगे। साथ ही धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए 21 मार्च (ईद) तथा 25, 26 और 27 मार्च (महाष्टमी व रामनवमी) को किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जाएगा।


संघर्ष समिति ने बताया कि बिजली कर्मी लगातार उपभोक्ताओं और किसानों के बीच जाकर निजीकरण से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में लोकतांत्रिक तरीके से पिछले 476 दिनों से आंदोलन जारी है, जिसमें उपभोक्ताओं और किसानों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है।


इसी क्रम में आज राजधानी लखनऊ के सदर तहसील परिसर में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने निजीकरण के विरोध में धरना किया और सदर तहसील पर कार्यालय में  एस डी एम को ज्ञापन दिया। किसानों की प्रमुख मांगों में बिजली का निजीकरण वापस लेना, किसानों को घरेलू उपयोग हेतु मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना तथा टाटा मोटर्स में ग्रेच्युटी की समस्याओं का समाधान शामिल है।


एस डी एम को ज्ञापन देने का नेतृत्व एकादशी यादव, दिनेश कुमार रावत, पोकरन यादव, मुकेश कुमार  यादव एवं मोहम्मद हाफिज सहित अन्य किसान नेताओं ने किया।


संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 476वें दिन आज भी प्रदेश के सभी जनपदों में बिजली कर्मियों ने पूर्ववत विरोध प्रदर्शन जारी रखा और आगामी दिनों में भी यह आंदोलन और तेज किया जाता 

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