[ गांव शहर की नई बातें - विशेष सांस्कृतिक रिपोर्ट ]
विशेष संवाददाता, लखनऊ ✍️
नवाबों के शहर लखनऊ में शनिवार की शाम कला और संस्कृति के नाम रही। कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में "नृत्य फ्रोलिक डांस एकेडमी" द्वारा वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव **'कलायात्रा 3.0'** का भव्य आयोजन किया गया। संस्थापिका एवं कथक गुरु **पल्लवी प्रजापति** के कुशल निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में नन्हे कलाकारों से लेकर अनुभवी नर्तकों ने अपनी कला का ऐसा जादू बिखेरा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
भक्ति और शक्ति का संगम:
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि **डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव** एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आगाज मनमोहक 'कृष्ण वंदना' से हुआ। इसके बाद 'माखन चोरी' और 'नवदुर्गा' की प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। नैना, मानिका और इशिता सहित अन्य कलाकारों ने देवी के नौ रूपों को मंच पर जीवंत कर दिया, वहीं शिव वंदना ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
⭐ विशेष आकर्षण:
- **अनंता सिंह** का एकल नृत्य "कान्हा रे" विशेष रूप से सराहा गया।
- **तराना** में आहाना एवं ईशानवी की लयबद्ध जुगलबंदी ने समां बांधा।
- **गरज-गरज** और **यूंगा-यूंगा** की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
- **ग्रैंड फिनाले:** सभी प्रतिभागियों की सामूहिक प्रस्तुति कार्यक्रम का सबसे आकर्षक केंद्र रही।
मुख्य अतिथि **डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव** ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय जड़ों से जोड़ने का बेहतरीन माध्यम हैं। संस्था की निदेशक **पल्लवी प्रजापति** ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "कलायात्रा केवल एक शो नहीं, बल्कि बच्चों और महिलाओं में आत्मविश्वास और रचनात्मकता भरने का एक मिशन है।"
अंत में सभी प्रतिभागियों को मेडल, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही पर्दे के पीछे रहकर कार्यक्रम को सफल बनाने वाली लाइट, साउंड, मेकअप और कैमरा टीम का भी विशेष आभार प्रकट किया गया।
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