प्रेस विज्ञप्ति: बुद्ध पूर्णिमा पर माँ गोमती की महाआरती—11 मंचों से गूंजेगा मंत्रोच्चार, महंत दिव्या गिरि जी की गरिमामयी उपस्थिति में होगा भव्य आयोजन
बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर आज आदिगंगा माँ गोमती के तट पर श्रद्धा, स्वच्छता और आध्यात्मिकता का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश को समर्पित यह संध्या, माँ गोमती की दिव्य महाआरती के साथ और भी अलौकिक होने जा रही है।
महंत दिव्या गिरि जी की गरिमामयी उपस्थिति और संचालन:**
यह संपूर्ण आयोजन **मनकामेश्वर मंदिर की श्रीमहंत दिव्या गिरि जी** के पावन सानिध्य में संपन्न होगा। उनके कुशल निर्देशन में आयोजित होने वाली यह आरती न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि समाज को एकजुट करने का एक सशक्त माध्यम भी है। आरती का मुख्य संचालन **गौरजा गिरि जी** द्वारा किया जाएगा, जिनके द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रों की गूंज से संपूर्ण गोमती तट गुंजायमान होगा।
**11 मंच, 11 ब्राह्मण और दिव्य महाआरती:**
इस अवसर पर माँ गोमती की आरती का दृश्य अत्यंत विहंगम होगा। नदी तट पर विशेष रूप से निर्मित **11 भव्य मंचों** पर **11 वैदिक ब्राह्मण** एक साथ खड़े होकर महाआरती करेंगे। जब एक स्वर में मंत्रोच्चार होगा और दीपों की लौ के साथ ब्राह्मणों द्वारा आरती की जाएगी, तो वह दृश्य साक्षात देवलोक की अनुभूति कराएगा। बुद्ध पूर्णिमा के प्रकाश पर्व पर यह 'दीपदान' और 'आरती' अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश के प्रसार का प्रतीक बनेगी।
**स्वच्छता और भव्य साज-सज्जा:**
भगवान बुद्ध का जीवन शुचिता और पवित्रता का संदेश देता है, इसी भाव को ध्यान में रखते हुए आरती से पूर्व गोमती तट पर व्यापक **सफाई अभियान** चलाया गया। सेवादारों ने मिलकर घाटों की विशेष सफाई सुनिश्चित की ताकि जल की निर्मलता और तट की पवित्रता बनी रहे।
आयोजन स्थल की **साज-सज्जा** को


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