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लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री मा० योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि प्रदेश के ऊर्जा हितों को ध्यान में रखते हुए ओबरा डी (2×800 मेगावाट) एवं अनपरा ई (2×800 मेगावाट) ताप विद्युत

 [6/6, 7:54 PM] Ajay Chaurasiya Rpt News: *विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश

ओबरा डी एवं अनपरा ई परियोजनाओं का ज्वाइंट वेंचर तत्काल समाप्त कर उत्पादन निगम को सौंपा जाए : 40 माह बाद भी कार्य प्रारंभ न होना गंभीर चिंता का विषय : उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस लेकर बिजली कर्मियों का सहयोग ले प्रबंधन*


लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री मा० योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि प्रदेश के ऊर्जा हितों को ध्यान में रखते हुए ओबरा डी (2×800 मेगावाट) एवं अनपरा ई (2×800 मेगावाट) ताप विद्युत परियोजनाओं को एनटीपीसी के साथ प्रस्तावित ज्वाइंट वेंचर व्यवस्था से मुक्त कर तत्काल उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम को सौंपा जाए।


संघर्ष समिति ने कहा कि फरवरी 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान इन दोनों परियोजनाओं के लिए एनटीपीसी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। दुर्भाग्यपूर्ण है कि 40 माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परियोजनाओं के निर्माण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। न तो निर्माण कार्य शुरू हो सका है और न ही आवश्यक कोयला लिंकेज की व्यवस्था हो पाई है।


संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह स्थिति स्पष्ट संकेत देती है कि ओबरा डी और अनपरा ई परियोजनाएं एनटीपीसी की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं हैं। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) से कोल पिटहेड लिंकेज प्राप्त न होने के कारण ये परियोजनाएं व्यावसायिक दृष्टि से कम आकर्षक हो गई हैं। यही कारण है कि लंबे समय के बाद भी इन परियोजनाओं पर कोई उल्लेखनीय प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।


संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि परियोजनाओं में हो रही अनावश्यक देरी के कारण उनकी लागत लगातार बढ़ रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो लागत वृद्धि (कॉस्ट ओवररन) के कारण प्रदेश को भविष्य में महंगी बिजली खरीदनी पड़ेगी, जिसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं और राज्य सरकार दोनों पर पड़ेगा।


संघर्ष समिति ने कहा कि सामान्यतः किसी ताप विद्युत परियोजना का निर्माण पांच वर्षों में पूरा हो जाता है, लेकिन यहां 40 माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ न होना गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। प्रदेश सरकार को अब इस पूरे मामले की समीक्षा करते हुए वैकल्पिक निर्णय लेना चाहिए।


संघर्ष समिति का मत है कि यदि इन परियोजनाओं को राज्य विद्युत उत्पादन निगम को सौंप दिया जाए तो ओबरा और अनपरा में पहले से उपलब्ध आधारभूत संरचना तथा साझा सुविधाओं का उपयोग करके बिजली उत्पादन लागत में 40 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी लाई जा सकती है। इससे प्रदेश को सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराना संभव होगा।


संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि यदि एक ही परिसर में अलग-अलग स्वामित्व वाली उत्पादन परियोजनाएं संचालित की जाती हैं तो भविष्य में अनेक परिचालन एवं कानूनी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेष रूप से कोयला परिवहन, रेलवे साइडिंग के उपयोग तथा ऐश डिस्पोजल जैसी व्यवस्थाओं को लेकर विवाद पैदा होने की आशंका है। वर्तमान में उपलब्ध सीमित रेल अवसंरचना तथा साझा ऐश पोंड भविष्य में गंभीर बाधा बन सकते हैं।


संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से यह भी आग्रह किया कि वह बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस ले। बिजली व्यवस्था में सुधार, नई उत्पादन परियोजनाओं के समयबद्ध निर्माण तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए बिजली कर्मियों के अनुभव और सहयोग का सकारात्मक उपयोग किया जाना चाहिए। 


संघर्ष समिति ने पुनः मांग की कि प्रदेश के व्यापक आर्थिक एवं ऊर्जा हितों को देखते हुए ओबरा डी और अनपरा ई परियोजनाओं से संबंधित ज्वाइंट वेंचर व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर इन परियोजनाओं का निर्माण एवं संचालन उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम को सौंपा जाए, ताकि प्रदेश को समयबद्ध ढंग से सस्ती, विश्वसनीय और आत्मनिर्भर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध हो सके।


शैलेन्द्र दुबे

संयोजक

9415006225

[6/6, 7:58 PM] Ajay Chaurasiya Rpt News: *लखनऊ आज विश्वस्तरीय शहरों की श्रेणी में पहुंचा,:  राजनाथ सिंह*


लखनऊ। पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के पश्चिम मंडल-2 द्वारा आयोजित प्रबुद्ध जन संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने प्रबुद्धजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, अधिवक्ता, शिक्षाविद् एवं भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।


केंद्रीय रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि सांसद होने के नाते वे जितना समय लखनऊ को देना चाहते हैं, उतना नहीं दे पाते हैं, लेकिन वे नियमित रूप से डेढ़-दो माह के अंतराल पर लखनऊ आकर विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आना और उनकी समस्याओं को सुनना वे अपना नैतिक दायित्व मानते हैं।


राजनाथ सिंह ने कहा कि उनकी हमेशा यह चिंता रहती है कि लखनऊ का अधिकतम विकास कैसे सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ जिस तेजी से विकसित हुआ है, वह पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। एक समय जो शहर विकास की दौड़ में पीछे माना जाता था, आज वह विश्वस्तरीय शहरों की श्रेणी में अपनी पहचान बना चुका है।


उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री होने के नाते जब विदेशों से निवेशक भारत आते हैं और लखनऊ का दौरा करते हैं, तो शहर में हुए व्यापक बदलावों की सराहना करते हैं। 10-15 वर्ष पहले का लखनऊ और आज का लखनऊ पूरी तरह बदला हुआ दिखाई देता है।


यातायात व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम लखनऊ की सबसे बड़ी समस्या थी। वर्ष 2014 में सांसद बनने के बाद उन्होंने शहर के चारों ओर रिंग रोड निर्माण की परिकल्पना को आगे बढ़ाया, ताकि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन सीधे अपने गंतव्य तक जा सकें और उन्हें शहर के भीतर प्रवेश न करना पड़े। उन्होंने बताया कि रिंग रोड का उद्घाटन दो वर्ष पूर्व हो चुका है, जिससे यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आया है।


राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में कम समय में अनेक फ्लाईओवरों का निर्माण हुआ है, जिससे आवागमन सुगम हुआ है। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए वे लगातार नई योजनाओं पर विचार करते रहते हैं। उन्होंने दिवाकर त्रिपाठी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सुझावों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता के सहयोग और समर्थन से विकास कार्यों को गति मिली है।


देश की स्थिति पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा पहले की अपेक्षा कहीं अधिक मजबूत हुई है। वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज प्रभावी रूप से सुनी जा रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का सम्मान बढ़ा है।


उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। कई देशों में महंगाई दर अत्यधिक बढ़ी है, लेकिन भारत ने बेहतर आर्थिक प्रबंधन के माध्यम से महंगाई को नियंत्रित रखने में सफलता प्राप्त की है।


राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश के अनेक राज्यों में सरकार बनाने में सफल रही है और जनता का विश्वास लगातार पार्टी के प्रति बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो देश के विकास और कल्याणकारी योजनाओं की सफलता का प्रमाण है।


उन्होंने कहा कि भारत आज तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व में एक सशक्त राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अंत में उन्होंने उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे जनता से मिलने और उनका स्नेह प्राप्त करने के उद्देश्य से यहां आए हैं तथा आगे भी विकास और जनसेवा के कार्य निरंतर जारी रहेंगे।


*संवाद के दौरान प्रबुद्धजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं एवं जनहित से जुड़े विषयों को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष रखा*


 प्रतिनिधियों ने चौक से दुबग्गा चौराहे तक लगने वाले भीषण जाम की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। साथ ही राष्ट्र प्रेरणा स्थल को प्रातःकालीन भ्रमण एवं आम नागरिकों के लिए निशुल्क सुबह के समय खोलने का आग्रह किया गया।


क्षेत्रवासियों ने गैस पाइपलाइन सुविधा को गैस क्षेत्र तक विस्तारित करने तथा मेट्रो परियोजना के कार्यों में तेजी लाने की भी मांग रखी।  आलमनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बुद्धेश्वर स्टेशन किए जाने पर रक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


प्रबुद्धजनों ने कहा कि वर्तमान में लखनऊ में चौमुखी विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, जिससे शहर का स्वरूप निरंतर बदल रहा है। उन्होंने सड़क, फ्लाईओवर, रिंग रोड, मेट्रो तथा अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं की सराहना करते हुए राष्ट्र प्रेरणा स्थल जैसे जनप्रेरक स्थलों के निर्माण की भी प्रशंसा की।

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