UPCEG व साई उत्कर्ष सेवा संस्थान ने मनाया बाल अधिकार सप्ताह।
सेंट्रल पब्लिक स्कूल में जागरूकता के विविध कार्यक्रम, बच्चों ने साझा की अपनी बातें
लखनऊ, 17 नवंबर। बाल अधिकार सप्ताह के अवसर पर उत्तर प्रदेश कोएलिशन टू एम्पावर गर्ल्स (UPCEG) एवं श्री साई उत्कर्ष सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सेंट्रल पब्लिक स्कूल, रजनी खंड आशियाना में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 250 बच्चे, 20 अभिभावक, क्षेत्रीय पार्षद श्री हिमांशु अंबेडकर, संस्था की पदाधिकारी आंचल कुमारी, मीडिया प्रभारी विक्रम कश्यप, स्कूल की प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ सुजाता, एवं संस्था के अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों के अधिकार, बाल सुरक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सुरक्षा, लैंगिक समानता, तथा शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि बाल अधिकार केवल कानूनी शब्द नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी हैं। बच्चों को सुरक्षित वातावरण, समान अवसर और सम्मान देना ही एक स्वस्थ समाज की नींव है।
बच्चों के लिए विशेष जागरूकता सत्र बच्चों के लिए आयोजित सत्रों में —ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव गुड टच–बैड टच’आत्मरक्षा मानसिक स्वास्थ्य लैंगिक समानता
जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल भाषा में समझाया गया। विद्यार्थियों ने पोस्टर, वक्तव्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
विशेष अतिथियों के विचार
श्री साई उत्कर्ष सेवा संस्थान की अध्यक्ष डॉ. प्रीति श्रीवास्तव ने कहा—
“आज की पीढ़ी जागरूक है, उन्हें सिर्फ सही दिशा दिखाने की आवश्यकता है। बाल अधिकारों की समझ बच्चों को मजबूत और अभिभावकों को जिम्मेदार बनाती है। जब बच्चा सुरक्षित महसूस करता है, तभी वह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।”
सेंट्रल पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य दिव्या पांडेय ने कहा—
“हम अपने छात्रों को केवल शिक्षित नहीं करते, बल्कि उन्हें संवेदनशील, आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में सतत कार्य कर रहे हैं। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ को बढ़ाते हैं।”
क्षेत्रीय पार्षद हिमांशु अंबेडकर ने कहा
“इस प्रकार के आयोजन न केवल बच्चों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि समाज को भी यह संदेश देते हैं कि हर बच्चे की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मैं UPCEG और साई उत्कर्ष सेवा संस्थान के ऐसे प्रयासों की सराहना करता हूँ और आगे भी हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।”
बच्चों की प्रतिक्रियाएँ
कक्षा 8 की छात्रा तनिष्का पाल ने कहा
“अगर कोई गलत व्यवहार करे तो डरने की नहीं, सही व्यक्ति को बताने की जरूरत है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है।”
कक्षा 7 के छात्र आयुषी पटेल ने कहा—
“इंटरनेट पर दोस्त बनाते समय सावधानी जरूरी है। अब मैं किसी भी लिंक को बिना सोचे नहीं खोलूंगा।”
कक्षा 6 की छात्रा दीपशिखा शर्मा ने कहा
“पोस्टर बनाते समय समझ आया कि लड़कियों और लड़कों दोनों के अधिकार बराबर हैं। यह सबको जानना चाहिए।”
अभियान के साझेदार और विस्तृत उद्देश्य
मिलान बी द चेंज के एसोसिएट डायरेक्टर (सिस्टम्स स्ट्रेंथनिंग) जावेद अब्बास ने कहा—
“‘सशक्त नारी, सशक्त समाज’ अभियान के माध्यम से UPCEG सरकारी विभागों और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से लड़कियों के सशक्तिकरण और सरकारी सेवाओं के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दे रहा है।”
यह कार्यक्रम UPCEG के छह महीने लंबे राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत 20,500 से अधिक किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित है। अक्टूबर में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर भी इसी अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। यह अभियान मार्च 2026, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस तक जारी रहेगा।
साझेदार संगठन — मिलान बी द चेंज
मिलान बी द चेंज पिछले 18 वर्षों से वंचित समुदायों की किशोरियों के लिए शिक्षा, नेतृत्व और कौशल विकास पर कार्य कर रहा है। संस्था अब तक यूपी, एमपी और कर्नाटक में 1,00,000 से अधिक लड़कियों तक अपनी सेवाएँ पहुँचा चुकी है। संगठन का उद्देश्य समुदाय में ऐसा स्थायी बदलाव लाना है, जिससे किशोरियों को सुरक्षित और सशक्त भविष्य प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम का समापन।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और अधिकारों से जुड़े ऐसे शिक्षाप्रद कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों का विकास सुरक्षित, सकारात्मक और सशक्त वातावरण में हो सके।





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