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माही वेलफेयर सोसाइटी

माही वेलफेयर सोसाइटी

आज दिनांक 28 फरवरी 2026 को राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) वाहिनी मुख्यालय, लखनऊ में प्रचलित द्वितीय चरण – आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के 8वें बैच का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार मुख्य अतिथि के रूप में पधारे।

आज दिनांक 28 फरवरी 2026 को राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) वाहिनी मुख्यालय, लखनऊ में प्रचलित द्वितीय चरण – आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के 8वें बैच का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार मुख्य अतिथि के रूप में पधारे

कार्यक्रम का शुभारंभ उप सेनानायक राज्य आपदा मोचन बल श्री हरेन्द्र प्रताप यादव द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत के साथ किया गया। समारोह में प्रशिक्षण शाखा प्रभारी श्री शोभनाथ यादव एवं सैन्य सहायक श्री मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रह

इस अवसर पर प्लाटून कमांडर श्री रिषब तिवारी द्वारा प्रचलित प्रशिक्षण सत्र की विस्तृत जानकारी अपर पुलिस महानिदेशक महोदय को प्रस्तुत की गई। उन्होंने प्रशिक्षण की रूपरेखा, उद्देश्य एवं व्यवहारिक अभ्यासों के बारे में विस्तार से अवगत कराया

प्रशिक्षकों द्वारा अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा करते हुए बताया गया कि आपदा मित्रों को महत्वपूर्ण विषयों (MFR (Medical First Responder), प्राथमिक उपचार (First Aid), CBRN (Chemical, Biological, Radiological and Nuclear) आपदाओं में प्रतिक्रिया, आग, सर्पदंश, घायल व्यक्तियों को सुरक्षित उठाने एवं स्थानांतरित करने की विधि (Lifting & Moving Patient), भूकंप के दौरान सावधानियां, आकाशीय बिजली (Lightning) से बचाव, बाढ़ आपदा में सुरक्षा एवं बचाव उपाय, आदि) पर सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया

प्रशिक्षुओं द्वारा भी प्रशिक्षण अवधि के दौरान अर्जित अपने अनुभव साझा किए गए तथा बताया गया कि इस प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय क्षमता एवं सेवा भावना का विकास हुआ है।

मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार ने अपने संबोधन में सभी प्रशिक्षुओं को आपदाओं के समय फर्स्ट रेस्पोंडर के रूप में समाज की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने हेतु प्रेरित किया तथा प्रदान की गई इमरजेंसी रेस्पोंस किट में उपलब्ध लाइफ जैकेट व अन्य उपकरणों का आपदा में प्रयोग करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि “आपदा मित्र केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा की एक सशक्त पहल है।” उन्होंने प्रशिक्षुओं को मदद की भावना को अपने आचरण में उतारने तथा सामान्य नागरिकों को आपदा के समय उचित प्रतिक्रिया देने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया।

उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से बताया कि आपदा की स्थिति में घबराने के स्थान पर सजगता, धैर्य एवं सही तकनीकी ज्ञान के साथ कार्य करना ही जीवन रक्षा का मूल मंत्र है।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। इस अवसर पर वाहिनी के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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