नवयुग कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन समारोह का भव्य आयोजन
आज दिनांक 13-03-2026 को नवयुग कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाईयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के सप्तम दिवस का सफल आयोजन ऐशबाग के रामलीला मैदान में हुआ। शिविर के प्रथम सत्र में छात्राओं द्वारा शिविर स्थल की साफ सफाई की गई। इस सत्र में छात्राओं द्वारा नशा मुक्ति विषय पर सुंदर एवं प्रेरणाप्रद पोस्टर भी बनाए गए। तत्पश्चात छात्राओं द्वारा शिविर स्थल पर समापन समारोह की तैयारी की गई।
भोजनावकाश के पश्चात शिविर के द्वितीय सत्र का प्रारंभ हुआ। इस सत्र में सप्त दिवसीय विशेष शिविर के समापन समारोह का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर मनोज पाण्डेय (लुआक्टा अध्यक्ष), अन्य गणमान्य अतिथि तथा महाविद्यालय की सम्मानित शिक्षिकाएं उपस्थिति रहीं। सर्वप्रथम प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय एवं अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए जिनमें लोकगीतों पर सामूहिक नृत्य , लघु नाटक , गणेश वंदना पर नृत्य, भाषण, राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत पर सुंदर नृत्य इत्यादि प्रस्तुतियां दी गईं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिविर के दौरान जो भी हस्तकला और कौशल सिखाए गए हैं, उन्हें छात्राएँ अपने रोजगार के रूप में भी अपना सकती हैं। इससे आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी और भविष्य में आर्थिक रूप से सशक्त बनने का मार्ग प्रशस्त होगा
मुख्य अतिथि मनोज पांडेय (लुआक्टा अध्यक्ष) ने अपने संबोधन में कहा कि आज की नारी पहले जैसी नहीं रही। पहले कहा जाता था कि “आंचल में दूध और आँखों में पानी”, परंतु आज की नारी अब अबला नहीं रही। उन्होंने कहा कि “अबला” शब्द ही समाप्त हो चुका है, क्योंकि आज महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं।
इसी क्रम में कार्यक्रम अधिकारी मनीषा बड़ौनियां ने सप्त दिवसीय शिविर की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में एन.एस.एस. के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. श्वेता उपाध्याय, डॉ. मनीषा बड़ौनियां ,डॉ. चंदन मौर्या एवं कुमारी दीक्षा ने भी स्वयंसेविकाओं के सात दिनों के अनुशासन, सेवा भावना और सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने छात्राओं को समाज सेवा के कार्यों में आगे बढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की सम्मानित शिक्षिकाएं मेजर डॉ मनमीत कौर सोढ़ी, प्रो संगीता कोतवाल, प्रो सीमा सरकार, प्रो सीमा पांडे, पिडीलाइट से श्रीमती मंजू प्रकाश एवं अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
अंत में सभी अतिथियों एवं स्वयं सेविकाओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी दीक्षा के द्वारा किया गया। इस अवसर पर सप्त दिवसीय शिविर में आयोजित कौशल आधारित कार्यशालाओं में छात्राओं द्वारा बनाई गई सुंदर रचनात्मक कलाकृतियों का प्रदर्शन भी किया गया। प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय एवं सभी अतिथियों द्वारा छात्राओं के कार्य की भूरि भूरि प्रशंसा की गई तथा उनका उत्साहवर्धन किया गया। इसी क्रम में प्रथम पद स्वावलंबी सेवा संस्थान द्वारा कार्यशाला के दौरान सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को मेडल एवं सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम गायन के साथ हुआ।




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