Ticker

6/recent/ticker-posts

आज दिनांक 09 अप्रैल 2026, दिन बृहस्पतिवार को मा० राष्ट्रीय अध्यक्ष—निषाद पार्टी एवं कैबिनेट मंत्री (मत्स्य विभाग), उ०प्र० सरकार, डॉ. संजय कुमार निषाद जी जनपद वाराणसी के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस सभागार में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकार मछुआ समाज के उत्थान के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं।

दिनांक: 09 अप्रैल 2026, वाराणसी*मा० मत्स्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार

आज दिनांक 09 अप्रैल 2026, दिन बृहस्पतिवार को मा० राष्ट्रीय अध्यक्ष—निषाद पार्टी एवं कैबिनेट मंत्री (मत्स्य विभाग), उ०प्र० सरकार, डॉ. संजय कुमार निषाद जी जनपद वाराणसी के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस सभागार में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकार मछुआ समाज के उत्थान के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि मा० प्रधानमंत्री जी की मंशानुरूप एवं मा० मुख्यमंत्री जी के कुशल निर्देशन में प्रदेश में मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 01 लाख से अधिक मछुआ समाज के लोगों को सब्सिडी देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया है

इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मछुआ दुर्घटना बीमा योजना, मत्स्य पालन क्षेत्र हेतु किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट योजना, माता सुकेता केज कल्चर योजना, एरेशन सिस्टम तथा मत्स्य पालक कल्याण कोष के अंतर्गत मछुआ समाज के लोगों को शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, दैवीय आपदा एवं विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है

श्री निषाद जी ने बताया कि मा० प्रधानमंत्री जी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत एशिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड मछली मंडी जनपद चंदौली में स्थापित की गई है।


श्री निषाद जी ने बताया कि निषाद पार्टी द्वारा प्रदेश में चार रैलियां—गोरखपुर, प्रयागराज, नोएडा एवं वाराणसी में प्रस्तावित की गई थीं।


आगामी 26 अप्रैल को निषाद पार्टी द्वारा जनपद में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश में निषाद पार्टी भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन धर्म का पालन कर रही है, ऐसे में हम अपने समाज की प्रमुख मांगों को केंद्र व राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष रखने का कार्य करेंगे।


मछुआ समाज की प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मझवार एवं तुरैहा अनुसूचित जाति में अंकित हैं, अतः हमारी सभी उपजातियों—केवट, मल्लाह, बिंद, कश्यप, धीवर, रायकवार, बाथम, निषाद, साहनी आदि को परिभाषित कर पिछड़ा वर्ग से हटाकर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किया जाए। साथ ही ताल-घाट, खनन (बालू), श्रेणी-3 की भूमि एवं क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के तहत पूर्व में प्राप्त अधिकारों को पुनः बहाल करने की मांग सरकार के समक्ष रखी

Post a Comment

0 Comments