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​शीर्षक: बाबा साहेब के पावन अस्थि-कलश और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ छेड़छाड़ कतई बर्दाश्त नहीं, पुलिसिया दमन के आगे नहीं झुके आर.पी.आई. के कार्यकर्ता, CO को घेरा और

​शीर्षक: बाबा साहेब के पावन अस्थि-कलश और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ छेड़छाड़ कतई बर्दाश्त नहीं, पुलिसिया दमन के आगे नहीं झुके आर.पी.आई. के कार्यकर्ता, CO को घेरा और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा: पवन भाई गुप्ता*

10, विधान सभा मार्ग स्थित परिसर के ऐतिहासिक स्वरूप को बदलने की सुगबुगाहट के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों कार्यकर्ता, पुलिस ने अटल चौक (हजरतगंज) से विधानसभा मार्ग के बीच शांति मार्च को रोका।

ऐशबाग में शौचालयों के समीप अस्थि-कलश स्थानांतरित करने की चर्चाओं से देश-प्रदेश के करोड़ों अनुयायियों में भारी आक्रोश।


10, विधान सभा मार्ग स्थित "भारतरत्न बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ.  अम्बेडकर महासभा" परिसर की ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और वहाँ स्थापित पावन 'अस्थि-कलश' के संभावित स्थानांतरण के विरोध में आज राजधानी लखनऊ की सड़कों पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आ.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री आदरणीय डॉ. रामदास अठावले जी के दिशा-निर्देशन में आज एक विशाल व शांतिपूर्ण पैदल मार्च का आयोजन किया गया।

​पुलिस प्रशासन का तानाशाही रवैया और आर.पी.आई. का पलटवार:*

यह पैदल मार्च हजरतगंज स्थित अटल चौक (अंबेडकर जी की प्रतिमा) से शुरू होकर विधानसभा मार्ग पर स्थित बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर महासभा तक जाना था। लेकिन जैसे ही उत्तर प्रदेश के यशस्वी प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन भाई गुप्ता जी के सशक्त नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं का हुजूम आगे बढ़ा, भारी पुलिस बल ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए मार्च को बीच में ही रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच काफी तीखी बहस और गहमागहमी हुई। प्रशासन ने सत्ता के बल पर पैदल यात्रा को आगे नहीं बढ़ने दिया, लेकिन श्री पवन भाई गुप्ता जी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने पीछे हटने से साफ इंकार कर दिया और मौके पर ही पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) का घेराव कर जमकर नारेबाजी की तथा माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

​*धरोहरों की रक्षा के लिए आज सड़क पर उतरा समाज: पवन भाई गुप्ता*

घेराव के दौरान मीडिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि, "प्रशासन लाठी और पुलिस के दम पर हमारी आवाज को नहीं दबा सकता। 10, विधान सभा मार्ग का यह पावन परिसर मात्र एक भूमि का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह बाबा साहेब के अनुयायियों के लिए एक जीवित तीर्थस्थल और अगाध श्रद्धा का केंद्र है। आदरणीय डॉ. रामदास अठावले जी के सिपाही होने के नाते, मैं और आरपीआई (आ.) का एक-एक कार्यकर्ता यह साफ कर देना चाहते हैं कि इसके ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ हमें कतई बर्दाश्त नहीं है।"

​पवन भाई गुप्ता ने याद दिलाया कि इस परिसर में 14 अप्रैल 1991 को बाबा साहेब की धर्मपत्नी आदरणीय डॉ. सविता अम्बेडकर जी द्वारा "अस्थि-कलश" स्थापित किया गया था। इसके साथ ही, पूर्व राष्ट्रपति महामहिम श्री के.आर. नारायणन जी द्वारा रोपित 33 वर्ष पुराना ऐतिहासिक "आनंद बोधिवृक्ष", पूज्य भंते प्रज्ञानंद महाथेरो जी द्वारा स्थापित बौद्ध विहार और 12 फीट ऊँची भव्य कांस्य प्रतिमा इस स्थल की अलौकिक पहचान हैं।

​*ऐशबाग में स्थानांतरण की चर्चाओं से आस्था को गहरा आघात:*

गत 14 अप्रैल 2026 को सामने आए बयानों का हवाला देते हुए पवन भाई गुप्ता ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि, "ऐसी सूचनाएं आ रही हैं कि इस ऐतिहासिक स्थल से बाबा साहेब के पवित्र अस्थि-कलश को ऐशबाग स्थित नए सांस्कृतिक स्थल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। दुःख और आक्रोश की बात यह है कि ऐशबाग परिसर की जो भौगोलिक रूपरेखा सामने आ रही है, उसमें शौचालयों के समीप अस्थि-कलश स्थल बनाने की सुगबुगाहट है। इससे देश-प्रदेश के करोड़ों तथागत बुद्ध और बाबा साहेब के अनुयायियों की भावनाओं को गहरा आघात लगा है।"

​*आर.पी.आई. (ए) की मुख्य मांगें:*

*प्रेस नोट के माध्यम से पवन भाई गुप्ता ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:*

​*यथास्थान संरक्षण:* 10, विधान सभा मार्ग स्थित पावन अस्थि-कलश को ऐशबाग या किसी अन्य स्थान पर कतई स्थानांतरित न किया जाए, उसे उसी पावन स्थान पर रहने दिया जाए।

​*प्रतिमा व विहार की सुरक्षा:* पवित्र बौद्ध विहार, बाबा साहब और बौद्ध धर्म से संबंधित ऐतिहासिक प्रतीकों तथा 12 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा को अपने स्थान से कतई न हटाया जाए।

​*बोधिवृक्ष का वैज्ञानिक संरक्षण:* ऐतिहासिक "आनंद बोधिवृक्ष" की पूरी वैज्ञानिक और आध्यात्मिक देखरेख इसी परिसर में की जाए।

*​ऐतिहासिक धरोहर घोषित हो:* इस पूरे परिसर को "ऐतिहासिक धरोहर" घोषित कर उत्तर प्रदेश सरकार इसका विशेष सौंदर्यीकरण करे।

*​छेड़छाड़ हुई तो मूकदर्शक नहीं बैठेगा दल:*

सरकार को पूरी गंभीरता के साथ अवगत कराते हुए पवन भाई गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि, "यदि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के पावन 'अस्थि-कलश' अथवा इस परिसर की किसी भी ऐतिहासिक धरोहर के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ या छेड़छाड़ की गई, तो रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के हजारों समर्पित कार्यकर्ता और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को मानने वाले लाखों अनुयायी मूकदर्शक बनकर कतई नहीं बैठेंगे। यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है!"

​अंत में, उन्होंने मुख्यमंत्री से दृढ़ आग्रह किया कि सरकार इस बेहद संवेदनशील विषय पर अपना रुख तुरंत स्पष्ट करे और इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण का तत्काल लिखित आदेश जारी कर समाज में फैल रहे राष्ट्रव्यापी आक्रोश को शांत करे।

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