रामपुर के गुरमेल सिंह अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर, फर्जी चार्जशीट निरस्त कराने की उठाई मांग
लखनऊ, 27 जुलाई 2026। जनपद रामपुर के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र निवासी गुरमेल सिंह पिछले कई वर्षों से चल रहे एक आपराधिक मुकदमे में स्वयं को निर्दोष बताते हुए न्याय की मांग को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन धरना स्थल पर 25 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं।गुरमेल सिंह का आरोप है कि वर्ष 2018-19 में उनके दूर के रिश्तेदार सतविंदर सिंह एवं उनके पुत्र सुखदेव सिंह ने उनके पुत्र को इंग्लैंड में वर्क वीजा एवं पीआर दिलाने का झांसा देकर तथा बोलेरो वाहन के सौदे के नाम पर कुल 22 लाख रुपये की ठगी की। उनका कहना है कि तय समय सीमा में वीजा न मिलने पर उन्होंने अपनी धनराशि वापस मांगी, जिसके बाद पंचायत में समझौता हुआ। समझौते के अनुसार 16 लाख रुपये ब्याज सहित लौटाने तथा 15 लाख रुपये का चेक देने की बात तय हुई, लेकिन बैंक में चेक लगाने पर वह अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया।
गुरमेल सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने कानूनी कार्रवाई की बात कही तो विपक्षी पक्ष ने पुलिस से मिलीभगत कर मु0अ0सं0 483/2019, थाना सिविल लाइंस, रामपुर में बोलेरो वाहन की कथित लूट, जान से मारने की धमकी एवं अन्य गंभीर धाराओं में उनके विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। उनका कहना है कि उन्होंने जांच अधिकारियों को अपने पक्ष के दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराए, लेकिन उन्हें विवेचना में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद फरवरी 2021 में उनके विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी गई, जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
गुरमेल सिंह के अनुसार, जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत की, जिस पर मामले की अग्रिम विवेचना कराई गई। उनका दावा है कि केस डायरी संख्या 121, दिनांक 04 सितंबर 2025 में अंतिम विवेचक ने पूर्व में दाखिल चार्जशीट को पुष्टि करने वाले साक्ष्यों के अभाव में आधारहीन बताया। इसके बावजूद आज तक चार्जशीट वापस लेकर निरस्त नहीं की गई और न ही उनके पक्ष में नियमानुसार अंतरिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
इन्हीं आरोपों के आधार पर गुरमेल सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, कथित फर्जी चार्जशीट को निरस्त कराने, उनके पक्ष में अंतरिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कराने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है।
नोट: यह समाचार गुरमेल सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके प्रार्थना पत्र में वर्णित तथ्यों पर आधारित है। संबंधित पक्ष एवं पुलिस प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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