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लखनऊ, 11 अगस्त। राजधानी लखनऊ के सरोसा स्थित माँ चंद्रिका कॉन्वेंट स्कूल में मंगलवार को बच्चों के भीतर तकनीकी सोच, रचनात्मकता और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से Step2Gether Social Foundation द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में

बेकार सामान से बच्चों ने बनाया ‘टेक्नोलॉजी का कमाल’, साइबर सुरक्षा का भी लिया पाठ

Step2Gether Social Foundation ने माँ चंद्रिका कॉन्वेंट स्कूल में कराया Waste to Tech Competition, Cyber Awareness Session और Hack Day


लखनऊ, 11 अगस्त। राजधानी लखनऊ के सरोसा स्थित माँ चंद्रिका कॉन्वेंट स्कूल में मंगलवार को बच्चों के भीतर तकनीकी सोच, रचनात्मकता और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से Step2Gether Social Foundation द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में Waste to Tech Competition, Cyber Awareness Session एवं Hack Day का आयोजन आकर्षण का केंद्र रहा।



Waste to Tech Competition में विद्यार्थियों ने बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं का रचनात्मक इस्तेमाल करते हुए उन्हें उपयोगी एवं तकनीकी मॉडल का रूप दिया। बच्चों के इन मॉडलों ने न केवल उनकी कल्पनाशीलता और हुनर को सामने रखा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सही सोच और तकनीक के जरिए बेकार समझी जाने वाली चीजों का भी बेहतर उपयोग किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान 13 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों ने Hack Day में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने तकनीक से जुड़ी अपनी समझ, समस्या समाधान की क्षमता और नए विचारों को मॉडल एवं गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

वहीं, Cyber Awareness Session के माध्यम से बच्चों को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल, साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन गोपनीयता तथा डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। बच्चों को समझाया गया कि तकनीक जहां शिक्षा और विकास का मजबूत माध्यम है, वहीं इसका सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल भी बेहद जरूरी है।


कार्यक्रम में संस्था की ओर से बच्चों को स्टेशनरी एवं भोजन का वितरण भी किया गया। शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक मेधावी विद्यार्थी को एक वर्ष की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। छात्रवृत्ति मिलने से विद्यार्थी को आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तकनीक, नवाचार, साइबर सुरक्षा और रचनात्मक सोच से जोड़ना समय की आवश्यकता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं।

कार्यक्रम ने बच्चों के बीच ‘सीखो, सोचो, बनाओ और सुरक्षित रहो’ का संदेश दिया और विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

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