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संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा द्वारा मथुरा में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्य

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दीक्षारम्भ में विद्यार्थियों से संवाद, मन के हारे हा

र है, मन के जीते जीत- मंत्री कपिल देव अग्रवाल


दीक्षारम्भ समारोह में विद्यार्थियों को मिला सफलता, कौशल और संकल्प का मंत्र


संस्कृति विश्वविद्यालय में नए विद्यार्थियों ने शुरू किया उच्च शिक्षा का नया सफर


लखनऊ/मथुरा, 25 अगस्त 2026।


संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा द्वारा मथुरा में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कपिल देव अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। समारोह में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।


समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री  कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि जीवन में सफलता सबसे पहले हमारे मन और सोच से शुरू होती है। “मन के हारे हार है, मन के जीते जीत” केवल कहावत नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का मूल मंत्र है। यदि विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पित हैं तो परिस्थितियाँ कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद विश्वविद्यालय जीवन विद्यार्थियों के लिए एक नए सफर की शुरुआत है। अगले तीन-चार वर्ष उनके जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष हैं। इस दौरान विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई चीजें सीखने, प्रयोग करने, अपनी रुचि पहचानने और नए कौशल विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।


मंत्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों से कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें लेकर बड़े सपने देखे हैं। अपनी मेहनत की कमाई से वे बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला रहे हैं। इसलिए विद्यार्थियों का दायित्व है कि वे अपने माता-पिता के सपनों को अपने संकल्प और परिश्रम के माध्यम से साकार करें। उन्होंने कहा कि आज का समय केवल डिग्री का नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और नवाचार का समय है। विद्यार्थियों को अपने नियमित पाठ्यक्रम के साथ प्रत्येक वर्ष कोई नया कौशल सीखना चाहिए। ऑनलाइन कोर्स, अप्रेंटिसशिप और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण से जुड़कर वे अपने व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत कर सकते हैं।


मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आज रोजगार के स्वरूप तेजी से बदल रहे हैं। विद्यार्थियों को केवल नौकरी प्राप्त करने की सोच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उद्यमिता और स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने नए विचारों को सामने लाने का आह्वान करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में यदि किसी विद्यार्थी के पास कोई अच्छा आइडिया है तो वह उसे शिक्षकों के साथ साझा करे और उसे धरातल पर उतारने का प्रयास करे। एक छोटा-सा विचार भविष्य में बड़े उद्यम का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि डिग्री अवसर का द्वार खोल सकती है, लेकिन कौशल उस अवसर को सफलता में बदलता है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के साथ-साथ कम्युनिकेशन, सॉफ्ट स्किल और व्यावहारिक ज्ञान पर भी ध्यान देना चाहिए।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सचिन गुप्ता, वाइस चांसलर डॉ. एम.बी. चेट्टी, डॉ. मीनाक्षी शर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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