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सरोजिनी नगर लखनऊ। विभिन्न व्यापारिक संगठनों द्वारा 27 अप्रैल को देशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। इस संबंध में प्रदेश स्तर पर व्यापारियों से एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की जा रही है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार नए नियमों और कानूनों के कारण व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा

 27 अप्रैल को देशव्यापी बंद का आह्वान, व्यापारियों से समर्थन की अपील

सरोजिनी नगर लखनऊ। विभिन्न व्यापारिक संगठनों द्वारा 27 अप्रैल को देशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। इस संबंध में प्रदेश स्तर पर व्यापारियों से एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की जा रही है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार नए नियमों और कानूनों के कारण व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।


प्रदेश अध्यक्ष अतुल त्रिपाठी ने जारी संदेश में कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आए दिन नए कानून लागू किए जा रहे हैं, जिससे व्यापार संचालन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए सामूहिक आवाज उठाना आवश्यक हो गया है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी व्यापारिक संगठनों द्वारा एक दिन की बंदी का आयोजन किया गया था, जिसे ऐतिहासिक समर्थन मिला था। उस बंदी के बाद संबंधित विभागों ने संज्ञान लेते हुए व्यापारियों की समस्याओं पर विचार किया था। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार भी बड़े स्तर पर बंद को सफल बनाने की तैयारी की जा रही है।

अतुल त्रिपाठी ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे 27 अप्रैल को अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस आंदोलन का समर्थन करें। उनका कहना है कि यह बंद किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यापारियों के अधिकारों और समस्याओं को लेकर है। यदि सभी व्यापारी एकजुट होकर अपनी बात रखते हैं, तो सरकार तक उनकी आवाज प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि बंद के माध्यम से सरकार को यह संदेश देना जरूरी है कि व्यापारी वर्ग अपने अधिकारों को लेकर सजग है और किसी भी प्रकार के अन्याय या उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से बंद को सफल बनाने की अपील की है।

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में बड़े स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। फिलहाल 27 अप्रैल को होने वाले इस बंद को लेकर व्यापारियों में व्यापक चर्चा चल रही है और इसे सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं।

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