गुरु ग्रंथ साहिब के तीन पावन स्वरूप श्रद्धापूर्वक संगत को किए गए समर्पित
लखनऊ। गुरुद्वारा बाबा चंद, गोविंद नगर, कानपुर से आज पाँच प्यारों की अगुवाई में श्रद्धालु संगत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के तीन पावन स्वरूप लेने के लिए गुरुद्वारा आलमबाग, लखनऊ पहुँची। गुरुद्वारा साहिब पहुँचने पर विधिवत मर्यादा के अनुसार सर्वप्रथम साथ लाए गए तीनों पावन स्वरूपों को गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धापूर्वक विराजमान कराया गया।
इसके उपरांत अरदास एवं गुरु का अटूट लंगर सम्पन्न हुआ। लंगर सेवा के पश्चात संगत को नए तीन पावन स्वरूप पूर्ण सम्मान एवं मर्यादा के साथ भेंट किए गए, जिन्हें संगत अपने निर्धारित गुरुद्वारों के लिए लेकर रवाना हुई।
इस अवसर पर गुरुद्वारा आलमबाग के अध्यक्ष सरदार निर्मल सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा आलमबाग में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एस.जी.पी.सी.) के सहयोग तथा सरदार जतिन्दर सिंह उप्पल के विशेष प्रयासों से अब तक 150 पावन स्वरूप उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इसी सेवा के माध्यम से पूरे उत्तर प्रदेश में विभिन्न गुरुद्वारों एवं संगत को गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप निःशुल्क उपलब्ध कराने की सेवा निरंतर जारी है।
उन्होंने कहा कि गुरु घर की यह सेवा सिख पंथ की मर्यादा, श्रद्धा एवं मानवता की भावना को सुदृढ़ करने का माध्यम है। उन्होंने संगत एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में भी यह पावन सेवा इसी प्रकार निरंतर चलती रहेगी।
समिति के निम्नलिखित सदस्य उपस्थित रहे। निर्मल सिंह, त्रिलोक सिंह टुटेजा, राजेंद्र सिंह राजू, रतपाल सिंह गोल्डी, हरजीत सिंह सरला, त्रिलोक सिंह बहल, परमजीत सिंह, गुरदीप सिंह, इकबाल सिंह, इंदरपाल सिंह, हरविंदर सिंह, परविंदर सिंह एवं हरमहिंदर सिंह।

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