69000 शिक्षक भर्ती : आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए निकले, पुलिस ने रोका
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा वर्ष 2018 में यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। आरोप है कि जब इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया और उन्हें नौकरी देने से वंचित कर दिया गया। एक लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने एक फैसला सुनाया और नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया था। लेकिन कुछ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गये तब से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। 8 सितंबर को इस प्रकरण पर सुनवाई होनी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने 69000 शिक्षक भर्ती मैं हुई विसंगति को सुधार करते हुए 6800 की एक लिस्ट दी थी लेकिन उसनमें शामिल अभ्यर्थियों को अभी तक नौकरी नहीं मिल सकी। इसी बात को लेकर अभ्यर्थी धरनाप्रदर्शन कर रहे हैं उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार 6800 सूची में शामिल अभ्यर्थियों का बचाव करें और उन्हें नियुक्ति दिलाए।
प्रदर्शन करने वालों में अवनीश यादव, यशवंत यादव, विक्रम यादव, अमित मौर्य, भोला अंबेडकर आदि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल रहे।
अमरेंद्र पटेल
76689 60566




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