लखनऊ के सुनियोजित विकास के लिए विशेष आर्थिक पैकेज आवश्यक: डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ के सुनियोजित विकास के लिए विशेष आर्थिक पैकेज आवश्यक: डॉ. राजेश्वर सिंह
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विशेष पैकेज, विशेषज्ञ समिति, अवैध कॉलोनियों पर रोक और ‘ग्रीन लखनऊ मिशन–2035’ की मांग
सरोजिनी नगर लखनऊ । सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर राजधानी लखनऊ के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए आगामी राज्य बजट में विशेष आर्थिक, नगरीय नियोजन और प्रशासनिक पैकेज शामिल करने का अनुरोध किया है।
डॉ. सिंह ने जलभराव निस्तारण एवं किला मोहम्मदी नाले के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 175 करोड़ रुपये की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेट्रो, आउटर रिंग रोड, गोमती रिवरफ्रंट, एक्सप्रेसवे और बेहतर कानून-व्यवस्था ने लखनऊ को नई पहचान और गति प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में 16.7 लाख की आबादी वाला लखनऊ आज लगभग 42 से 43 लाख की आबादी वाला महानगर बन चुका है। राजधानी के तेजी से बढ़ते विस्तार के कारण जलभराव, यातायात दबाव, सीवर व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबंधन और अनधिकृत कॉलोनियों जैसी चुनौतियां सामने आई हैं।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के वर्ष 2050 तक के समन्वित विकास के लिए शहरी नियोजकों, पर्यावरणविदों, भूजल विशेषज्ञों, अभियंताओं, परिवहन योजनाकारों और वित्त विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय बहुवर्षीय विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की।
उन्होंने नई अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों पर पूर्ण रोक लगाने के लिए सैटेलाइट एवं ड्रोन निगरानी, स्वीकृत ले-आउट से अभिलेखों का समन्वय तथा भू-माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का सुझाव दिया। डॉ. सिंह ने कहा कि कोई भी अवैध कॉलोनी रातोंरात नहीं बनती और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
राजधानी के राजस्व संसाधनों को मजबूत करने के लिए उन्होंने GIS मैपिंग, सभी संपत्तियों को कर दायरे में लाने, पारदर्शी परिसंपत्ति मुद्रीकरण, पार्किंग एवं विज्ञापन राजस्व बढ़ाने, ग्रीन एवं म्युनिसिपल बॉन्ड जैसे विकल्पों पर भी जोर दिया।
डॉ. सिंह ने ‘ग्रीन लखनऊ मिशन–2035’ शुरू करने का प्रस्ताव रखते हुए जलाशयों और आर्द्रभूमियों की बहाली, गोमती संरक्षण, ग्रीन कॉरिडोर, वर्षाजल संचयन और भूजल पुनर्भरण को प्राथमिकता देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि लखनऊ को केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान की नहीं, बल्कि आने वाले 25 वर्षों के लिए वैज्ञानिक, हरित, वित्तीय रूप से सशक्त और जवाबदेह विकास व्यवस्था की आवश्यकता है।




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